Weather Update Today: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर देश के पांच राज्यों में बारिश और तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के हिमालयी क्षेत्र की ओर बढ़ने के कारण मैदानी इलाकों में मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इस बारिश के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ठंड का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है, जबकि निचले हिस्सों में मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहेगी। इस मौसमी बदलाव के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मैदानी इलाकों की ओर ठंडी हवाओं का रुख हो गया है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को फिसलन और भूस्खलन के प्रति सावधान रहने की सलाह दी गई है।
मैदानी राज्यों, विशेषकर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि (Hailstorm) का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग में ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। इसी तरह पंजाब और हरियाणा के कुछ जिलों में भी तेज गर्जना के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। दिल्ली-NCR में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है, जहाँ आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 फरवरी 2026 को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के लगभग 19 जिलों में स्थिति और खराब हो सकती है। इन इलाकों में दोपहर के बाद मौसम और अधिक उग्र होने की उम्मीद है।
तेज हवाओं की रफ्तार और बिजली गिरने का खतरा चिंता का मुख्य विषय बना हुआ है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी। यह तेज हवाएं न केवल बारिश लेकर आएंगी, बल्कि आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को भी अंजाम दे सकती हैं। चंबल रीजन और मध्य प्रदेश के करीब 15 जिलों में इसी तरह की ‘गरज-चमक’ वाली स्थिति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
किसानों और आम जनता के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर सरसों और गेहूं को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। 19 फरवरी की शाम तक इन राज्यों में मौसम के इसी तरह अनिश्चित बने रहने की प्रबल संभावना है।
डिस्क्लेमर: हमारे द्वारा यह मौसम अपडेट प्रदान करते समय पूरी सावधानी बरती गई है और जानकारी विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है, फिर भी हम इसमें मानवीय त्रुटि या मौसम के बदलते मिजाज के कारण होने वाले तात्कालिक बदलावों से इनकार नहीं कर सकते। हमारा उद्देश्य आपको मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों और अलर्ट से समय रहते अवगत कराना है। मौसम एक परिवर्तनशील विषय है, इसलिए किसी भी यात्रा, कृषि कार्य या सुरक्षा संबंधी निर्णय के लिए आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को अवश्य देखना चाहिए। धन्यवाद।